डिजिटल लेनदेन के लिए RBI की नई गाइडलाइन्स जारी
डिजिटल लेनदेन के लिए RBI की नई गाइडलाइन्स जारी
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य डिजिटल फ्रॉड को कम करना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
1. दो-स्तरीय प्रमाणीकरण अनिवार्य
RBI ने डिजिटल भुगतान के लिए दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (Two-Factor Authentication) को अनिवार्य कर दिया है। अब ग्राहक को यूपीआई, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए भुगतान करते समय ओटीपी (OTP) या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा करना होगा।
2. ऑटो-डेबिट भुगतान पर नियंत्रण
अब बैंकों और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म को ₹5,000 से अधिक के ऑटो-डेबिट लेनदेन से पहले ग्राहकों को सूचना भेजनी होगी। ग्राहक की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी राशि ऑटो-डेबिट नहीं होगी।
3. कार्ड टोकनाइजेशन प्रणाली
RBI ने कार्ड टोकनाइजेशन को अनिवार्य कर दिया है, जिससे कार्ड की वास्तविक जानकारी स्टोर नहीं होगी। यह प्रणाली कार्ड डिटेल्स को एक यूनिक टोकन में बदल देती है, जिससे डेटा लीक और साइबर फ्रॉड का खतरा कम हो जाता है।
4. यूपीआई भुगतान में सुरक्षा बढ़ी
यूपीआई (UPI) से जुड़े नए सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। अब बड़ी राशि के लेनदेन के लिए अतिरिक्त वेरिफिकेशन की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, यूपीआई पेमेंट में AI आधारित फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम भी जोड़ा गया है।
5. ग्राहक सहायता और शिकायत निवारण
RBI ने सभी बैंकों और डिजिटल पेमेंट कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे 24x7 ग्राहक सहायता प्रणाली उपलब्ध कराएं। यदि किसी ग्राहक की शिकायत 48 घंटे में हल नहीं होती है, तो वह RBI की ‘डिजिटल भुगतान लोकपाल’ (Digital Payment Ombudsman) सेवा का उपयोग कर सकता है।
नए नियमों का प्रभाव
RBI की इन नई गाइडलाइन्स से डिजिटल भुगतान अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनेंगे। ग्राहक को भुगतान करने में अधिक नियंत्रण मिलेगा और साइबर फ्रॉड के मामले कम होंगे। इसके साथ ही, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए इनोवेटिव तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
निष्कर्ष
डिजिटल युग में लेनदेन की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। RBI की ये नई गाइडलाइन्स उपभोक्ताओं को सुरक्षित डिजिटल लेनदेन का अनुभव प्रदान करेंगी और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाएंगी.