दिल्ली आ रहा इंडिगो का विमान बाल बाल बचा: ईरान के एयरस्पेस शटडाउन की पूरी कहानी
जनवरी 2026 की शुरुआत वैश्विक विमानन जगत के लिए एक नई चुनौती लेकर आई है। गुरुवार 15 जनवरी की सुबह एक ऐसी घटना घटी जिसने न केवल यात्रियों की सांसें अटका दीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए। जॉर्जिया की राजधानी त्बिलिसी से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E1808 ने ईरान के हवाई क्षेत्र से ठीक उस वक्त सुरक्षित निकास किया जब तेहरान अपने आसमान को पूरी तरह से बंद करने का आदेश जारी करने वाला था। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार यह विमान संभवतः अंतिम गैर ईरानी वाणिज्यिक जेट था जिसने इस क्षेत्र को पार किया।
इंडिगो की फ्लाइट 6E1808 ने बुधवार की रात त्बिलिसी से उड़ान भरी थी। फ्लाइटराडार24 के आंकड़ों से पता चलता है कि विमान गुरुवार तड़के करीब 2:35 बजे ईरानी हवाई क्षेत्र से बाहर निकला। इसके ठीक 25 मिनट बाद यानी लगभग 3:00 बजे ईरान की विमानन अधिकारियों ने एक 'नोटिस टू एयरमेन' जारी कर अपने हवाई क्षेत्र को अधिकांश उड़ानों के लिए बंद कर दिया।
विमान के सुरक्षित निकलने के कुछ ही समय बाद ईरान का आसमान पूरी तरह खाली होने लगा। यदि यह फ्लाइट मात्र आधा घंटा भी देरी से होती तो इसे या तो किसी अन्य देश की ओर डायवर्ट करना पड़ता या फिर बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ता। सौभाग्य से यह विमान सुबह 7:03 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से लैंड कर गया।
ईरान द्वारा अचानक अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने के पीछे वहां की आंतरिक अशांति और बढ़ते तनाव को मुख्य कारण माना जा रहा है। 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई के खिलाफ जारी इन प्रदर्शनों में अब तक 2,400 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
तनाव इतना अधिक है कि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष की आशंका भी जताई जा रही है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने हवाई सुरक्षा और एयर डिफेंस सिस्टम की संवेदनशीलता को देखते हुए यह कदम उठाया है ताकि 2020 जैसी कोई दुर्घटना (यूक्रेनी विमान गिराने जैसी घटना) दोबारा न हो।
ईरान के इस फैसले ने भारतीय एयरलाइंस की अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। इंडिगो ने पुष्टि की है कि उसकी बाकू से दिल्ली आने वाली फ्लाइट को उड़ान भरने के एक घंटे के भीतर ही वापस अजरबैजान लौटना पड़ा। इसके अलावा मुंबई से त्बिलिसी और वापसी की कई उड़ानों को शुक्रवार के लिए रद्द कर दिया गया है।
एयर इंडिया और स्पाइसजेट ने भी अपने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि जिन उड़ानों का रूट बदला जा सकता है उन्हें वैकल्पिक रास्तों से भेजा जा रहा है जिससे यात्रा के समय में 1 से 2 घंटे की बढ़ोतरी हो रही है। लेकिन जहां रूट बदलना संभव नहीं है वहां उड़ानों को रद्द करना पड़ा है।
ईरान एयरस्पेस बंद होने का एक अप्रत्यक्ष प्रभाव दिल्ली एयरपोर्ट पर भी देखने को मिला। न्यूयॉर्क जाने वाली एयर इंडिया की एक फ्लाइट (A350) को ईरान का आसमान बंद होने की खबर मिलते ही बीच रास्ते से वापस दिल्ली बुलाया गया। लैंडिंग के बाद जब विमान टैक्सीवे पर जा रहा था तभी उसके शक्तिशाली इंजन ने पास में पड़ी एक कार्गो ट्रॉली के कंटेनर को अपनी ओर खींच लिया। इस हादसे में विमान के इंजन को काफी नुकसान पहुंचा है हालांकि सभी 300 यात्री सुरक्षित हैं। यह घटना दिखाती है कि एक अंतरराष्ट्रीय रूट बंद होने से किस प्रकार की परिचालन संबंधी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।
ईरान मध्य पूर्व और एशिया के बीच एक महत्वपूर्ण हवाई गलियारा है। इसके बंद होने से न केवल ईंधन की खपत बढ़ती है बल्कि चालक दल के काम करने के घंटों पर भी दबाव पड़ता है। विमानन नियामक संस्थाएं अब इस क्षेत्र में स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही हैं। इंडिगो और एयर इंडिया जैसे बड़े ऑपरेटर अब दिन प्रति दिन के आधार पर अपनी उड़ानों की योजना बना रहे हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।