पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है और एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया है जिसने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। ममता बनर्जी ने अमित शाह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'मीर जाफर' बताते हुए दावा किया है कि शाह जल्द ही मोदी के खिलाफ जाएंगे। यह टिप्पणी उन्होंने एक सार्वजनिक रैली के दौरान की, जिसमें उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर जमकर निशाना साधा।
ममता बनर्जी ने अपने बयान में कहा कि अमित शाह आजकल एक 'कार्यवाहक प्रधानमंत्री' की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उनका इशारा इस ओर था कि शाह प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति में या उनकी छाया में, खुद को देश के प्रमुख नेता के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। बनर्जी ने सीधे प्रधानमंत्री मोदी को आगाह करते हुए कहा कि उन्हें अमित शाह पर भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि वह एक दिन उनके साथ विश्वासघात करेंगे और उनकी सत्ता छीनने की कोशिश करेंगे।
'मीर जाफर' शब्द का इस्तेमाल भारतीय इतिहास में विश्वासघात के प्रतीक के रूप में किया जाता है। मीर जाफर ने १७५७ में प्लासी की लड़ाई के दौरान बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के साथ धोखा किया था, जिसके कारण अंग्रेजों की जीत हुई थी। ममता बनर्जी ने इसी ऐतिहासिक संदर्भ का उपयोग करते हुए अमित शाह पर निशाना साधा और राजनीतिक गलियारों में यह संदेश देने की कोशिश की कि शाह की महत्वाकांक्षाएं इतनी बड़ी हैं कि वह प्रधानमंत्री मोदी के लिए भी खतरा बन सकते हैं।
बनर्जी ने आगे कहा कि बंगाल में भाजपा की राजनीति विभाजनकारी और लोकतंत्र विरोधी है। उन्होंने दावा किया कि अमित शाह बार बार पश्चिम बंगाल का दौरा कर राज्य की शांति भंग करने और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और राज्य की जनता से भाजपा के 'बाहरी' नेताओं के खिलाफ एकजुट रहने की अपील की। ममता बनर्जी की यह तीखी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है और तृणमूल कांग्रेस तथा भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस बयान से साफ है कि ममता बनर्जी भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व, विशेषकर अमित शाह को, सीधे चुनौती देकर राजनीतिक आक्रामकता दिखाना चाहती हैं।
इस बयान पर भाजपा की ओर से भी तीखी प्रतिक्रियाएं आईं हैं, जिसमें पार्टी ने ममता बनर्जी के बयान को निराधार और हताशा भरा बताया है। उनका कहना है कि यह टिप्पणी टीएमसी की राज्य में घटती लोकप्रियता को दर्शाती है और पार्टी अब व्यक्तिगत हमलों पर उतर आई है। बहरहाल, ममता बनर्जी का यह बयान देश की राजनीतिक चर्चाओं का एक बड़ा हिस्सा बन गया है।