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'मेरी शुरुआत यहीं से हुई थी': महेश भट्ट ने उदयपुर को बताया अपने दिल के करीब, नई फिल्म का प्रीमियर किया

बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्माता महेश भट्ट हाल ही में अपनी नई फिल्म ‘तू मेरी पूरी कहानी’ के प्रीमियर के लिए उदय

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'सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं': महेश भट्ट ने कहा, ओटीटी ने फिल्म उद्योग को एक नई दिशा दी है

बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्माता महेश भट्ट हाल ही में अपनी नई फिल्म ‘तू मेरी पूरी कहानी’ के प्रीमियर के लिए उदयपुर पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने मीडिया से बातचीत की और भारतीय सिनेमा में आए बड़े बदलावों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में सिनेमा का पूरा ढांचा बदल गया है। अब फिल्में सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहीं, बल्कि वे दर्शकों को सोचने पर भी मजबूर करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म ने फिल्म उद्योग को एक नई दिशा दी है, जिससे छोटे बजट की और स्वतंत्र फिल्मों को भी सही जगह मिल रही है।


महेश भट्ट ने उदयपुर के साथ अपने गहरे जुड़ाव के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, ‘मेरी फिल्मी करियर की शुरुआत उदयपुर से ही हुई थी, जब मैंने यहां अपनी पहली फिल्म 'मंजिलें और भी हैं' की शूटिंग की थी। इस शहर से मेरा भावनात्मक रिश्ता है।’ उन्होंने कहा कि जब भी मैं उदयपुर आता हूँ, मुझे लगता है कि मैं घर वापस आया हूँ। यहाँ के लोगों का प्यार और यहाँ की खूबसूरती मुझे हमेशा अपनी ओर खींचती है।


अपनी नई फिल्म ‘तू मेरी पूरी कहानी’ के बारे में बताते हुए महेश भट्ट ने कहा कि यह एक इमोशनल ड्रामा है और रिश्तों की जटिलता को दर्शाती है। उन्होंने कहा, ‘यह फिल्म आज के दौर के रिश्तों पर आधारित है और मुझे यकीन है कि दर्शकों को यह पसंद आएगी।’ उन्होंने यह भी कहा कि अच्छी सिनेमा के लिए किसी बड़े स्टार की जरूरत नहीं होती, बल्कि एक अच्छी कहानी और दमदार अभिनय की जरूरत होती है।


महेश भट्ट ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि ओटीटी ने फिल्म निर्माताओं को ज्यादा आजादी दी है। अब वे बिना किसी डर के अपनी कहानी कह सकते हैं। इससे कई नए लेखकों और कलाकारों को मौका मिला है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि थिएटर का महत्व अभी भी कम नहीं हुआ है। थिएटर में फिल्म देखने का अनुभव एक अलग ही होता है।


उन्होंने युवा फिल्म निर्माताओं को सलाह दी कि वे अपनी कहानियों पर ध्यान दें और तकनीक की मदद से नए-नए प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि दर्शक अब नयापन और वास्तविकता चाहते हैं। यह बहुत ही महत्वपूर्ण है कि फिल्में दर्शकों के जीवन से जुड़ें और उन्हें कुछ नया सोचने का मौका दें।


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