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जैकलीन फर्नांडिस को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं: मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोप बरकरार रहेंगे.

सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को सुप्री

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मनी लॉन्ड्रिंग मामला: जैकलीन फर्नांडिस की याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज

सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने जैकलीन द्वारा दायर उस याचिका को रद्द करने से साफ इनकार कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को खत्म करने की मांग की थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जैकलीन पर लगाए गए आरोप बरकरार रहेंगे और मामले की सुनवाई जारी रहेगी। यह फैसला जैकलीन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वह लंबे समय से इस मामले से बाहर निकलने की कोशिश कर रही थीं।


जैकलीन फर्नांडिस पर आरोप है कि उन्होंने सुकेश चंद्रशेखर से करोड़ों रुपये के महंगे तोहफे और अन्य लाभ स्वीकार किए। प्रवर्तन निदेशालय (ED) का दावा है कि ये तोहफे सुकेश द्वारा ठगी और धोखाधड़ी से कमाए गए पैसों से खरीदे गए थे। ईडी ने अपनी चार्जशीट में जैकलीन को आरोपी बनाया था और उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में शामिल होने का आरोप लगाया था। जैकलीन ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि उन्हें सुकेश की आपराधिक गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।


सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, जैकलीन के वकील ने यह तर्क दिया कि जैकलीन एक पीड़ित हैं और उन्हें सुकेश ने धोखे से फंसाया है। उन्होंने कहा कि जैकलीन ने किसी भी अपराध में सीधे तौर पर हिस्सा नहीं लिया है और इसलिए उनके खिलाफ मामला रद्द किया जाना चाहिए। हालांकि, ईडी के वकील ने इन तर्कों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि जैकलीन को सुकेश के आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में पता था और इसके बावजूद उन्होंने महंगे उपहार स्वीकार करना जारी रखा। ईडी ने जैकलीन और सुकेश के बीच हुए वित्तीय लेन-देन और बातचीत के कई सबूत भी पेश किए।


सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि मामले में पर्याप्त सबूत मौजूद हैं जो जैकलीन की भूमिका पर सवाल उठाते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस स्तर पर आपराधिक कार्यवाही को रद्द करना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ होगा। कोर्ट ने जैकलीन को निचली अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करने का मौका दिया है, लेकिन उनकी याचिका को स्वीकार नहीं किया।


यह फैसला दिखाता है कि मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराधों में सेलिब्रिटीज की संलिप्तता को लेकर एजेंसियां और अदालतें कितनी गंभीर हैं। जैकलीन के लिए अब कानूनी लड़ाई लंबी हो सकती है और उन्हें नियमित रूप से अदालती कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा। यह मामला बॉलीवुड और अन्य क्षेत्रों के लोगों के लिए भी एक चेतावनी है कि वे अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी में ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखें जिनकी पृष्ठभूमि संदिग्ध हो।


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