हरित बैंकिंग: सतत विकास की ओर बढ़ते कदम
हरित बैंकिंग (ग्रीन बैंकिंग) पारंपरिक बैंकिंग का एक नया रूप है, जिसमें पर्यावरणीय स्थिरता को प्राथमिकता दी जाती है। भारत में बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने पर्यावरण-अनुकूल सेवाओं को अपनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। हरित बैंकिंग का उद्देश्य न केवल वित्तीय लाभ कमाना है, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा भी सुनिश्चित करना है।
भारतीय रिज़र्व बैंक की पहल
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने हरित बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए ‘ग्रीन डिपॉजिट फ्रेमवर्क’ पेश किया है। इसके तहत, बैंक अपने ग्राहकों से ग्रीन डिपॉजिट स्वीकार कर सकते हैं और इस राशि का उपयोग केवल हरित परियोजनाओं में कर सकते हैं। यह पहल अक्षय ऊर्जा, स्वच्छ परिवहन और जल संरक्षण जैसी हरित गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने में सहायक साबित होगी।
बैंकों की हरित पहल
भारत के प्रमुख बैंक हरित बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएँ ला रहे हैं:
- बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने ‘बॉब अर्थ’ पहल शुरू की, जिसमें ग्रीन डिपॉजिट और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली योजनाएँ शामिल हैं।
- एसबीआई (SBI) ने ‘ग्रीन टर्म डिपॉजिट’ लॉन्च किया, जिसमें ग्राहकों द्वारा जमा की गई राशि का उपयोग केवल पर्यावरण हितैषी परियोजनाओं में किया जाता है।
- एचएसबीसी बैंक ने ‘ग्रीन डिपॉजिट प्रोग्राम’ शुरू किया है, जो कॉर्पोरेट ग्राहकों को हरित परियोजनाओं में निवेश के लिए प्रेरित करता है।
हरित ऋण और वित्तीय स्थिरता
IIM लखनऊ के एक अध्ययन के अनुसार, वे बैंक जो अधिक हरित ऋण प्रदान करते हैं, उनकी वित्तीय स्थिरता बेहतर होती है। इससे पता चलता है कि हरित निवेश न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह बैंकिंग क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास में भी सहायक है।
हरित बैंकिंग के लाभ
- पर्यावरण संरक्षण – यह कार्बन उत्सर्जन को कम करने और सतत विकास को प्रोत्साहित करने में सहायक है।
- नवाचार को बढ़ावा – हरित वित्तपोषण से सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और जल प्रबंधन जैसी नई तकनीकों को बढ़ावा मिलता है।
- जोखिम कम करना – पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों की तुलना में हरित परियोजनाएँ अधिक स्थिर होती हैं।
निष्कर्ष
हरित बैंकिंग न केवल एक वित्तीय रणनीति है, बल्कि यह भारत को एक सतत और हरित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने का महत्वपूर्ण साधन भी है। बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ते हरित कदम आने वाले वर्षों में एक स्थायी भविष्य की नींव रखेंगे।