धोखेबाज लोग नौकरी दिलाने के बहाने लोगों से उनके बैंक डिटेल्स मांग रहे हैं।
नौकरी दिलाने के बहाने बैंक डिटेल्स मांगने वाली धोखाधड़ी
बेरोजगारी के दौर में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को धोखाधड़ी का शिकार बनाना एक नया तरीका बन चुका है। हाल के दिनों में एक धोखाधड़ी का तरीका सामने आया है, जिसमें धोखेबाज लोग नौकरी दिलाने के बहाने लोगों से उनके बैंक खाता डिटेल्स मांग रहे हैं। यह धोखाधड़ी मुख्य रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, ईमेल, और जॉब पोर्टल्स के जरिए फैल रही है। फर्जी कंपनियां और एजेंसियां बेरोजगार लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनके साथ यह धोखाधड़ी करती हैं।
धोखेबाज सबसे पहले नौकरी के लिए प्रस्ताव भेजते हैं और फिर चयन प्रक्रिया के बारे में बताते हुए उम्मीदवार से उनके बैंक खाता विवरण मांगते हैं। यह लोग खुद को "हायरिंग मैनेजर" या "रिक्रूटर" बताकर प्रभावित व्यक्ति को विश्वास दिलाते हैं कि यह एक वैध प्रक्रिया है। वे यह दावा करते हैं कि उन्हें नौकरी देने के लिए कुछ औपचारिकताओं को पूरा करना है, जिसमें बैंक डिटेल्स शामिल हैं। एक बार जब उम्मीदवार अपनी बैंक जानकारी प्रदान करता है, तो धोखेबाज उनके खाते से पैसे निकालने में सक्षम हो जाते हैं।
सावधानी रखने के उपाय:
संदिग्ध लिंक से बचें - अगर किसी भी अनजान व्यक्ति से आपको नौकरी का प्रस्ताव मिलता है, तो लिंक पर क्लिक करने से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें।
कभी भी बैंक डिटेल्स साझा न करें - किसी भी कंपनी या एजेंसी से नौकरी का प्रस्ताव मिलने पर बैंक खाता विवरण नहीं देना चाहिए। कोई भी नौकरी देने वाली कंपनी ऐसा नहीं मांगती।
प्रोफेशनल नेटवर्क का उपयोग करें - सिर्फ प्रमाणित और विश्वसनीय जॉब पोर्टल्स या कंपनियों के माध्यम से नौकरी की तलाश करें।
ऑथेंटिकेशन - किसी भी नौकरी के प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले संबंधित कंपनी की सहीता की जांच करें।
सरकारी अथॉरिटी से संपर्क करें - यदि आपको किसी संदिग्ध मामले में धोखाधड़ी का शक हो, तो स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम सेल से मदद लें।
इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता जरूरी है। बिना सोचे-समझे किसी भी लिंक पर क्लिक करना या बैंक डिटेल्स साझा करना खतरे से खाली नहीं है।