वर्क-फ्रॉम-होम के नाम पर धोखाधड़ी: सावधानी जरूरी
वर्क-फ्रॉम-होम का चलन पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ा है। कोविड-19 महामारी के दौरान इसका व्यापक प्रसार हुआ, जिससे लोग घर से काम करना अधिक पसंद करने लगे। लेकिन इसी सुविधा ने धोखेबाजों को भी मौका दे दिया है। वे वर्क-फ्रॉम-होम के नाम पर भोले-भाले लोगों को ठगने की नई योजनाएं बना रहे हैं।
कैसे होती है धोखाधड़ी?
ठग आमतौर पर सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप्स, और ईमेल के माध्यम से संपर्क करते हैं। वे आकर्षक वर्क-फ्रॉम-होम ऑफर का लालच देते हैं, जैसे:
- उच्च वेतन: कम समय में काम करके भारी सैलरी पाने का वादा।
- कम अनुभव की आवश्यकता: बिना किसी विशेष योग्यता या अनुभव के नौकरी।
- रजिस्ट्रेशन शुल्क: नौकरी के लिए प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट, या रजिस्ट्रेशन चार्ज के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं।
- फर्जी दस्तावेज: कई बार, पीड़ितों से उनके बैंक अकाउंट, आधार कार्ड, और पैन कार्ड की जानकारी मांगी जाती है, जिसे गलत उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
प्रमुख मामलों का खुलासा
हाल के कुछ मामलों में, कई लोग ऐसे गिरोह के शिकार हुए हैं, जो 'डेटा एंट्री जॉब्स', 'ऑनलाइन ट्यूटर', या 'फ्रीलांस प्रोजेक्ट्स' के नाम पर लाखों रुपए ठग रहे थे। दिल्ली, मुंबई, और हैदराबाद में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं।
कैसे बचें?
- वेरिफाई करें: किसी भी जॉब ऑफर को स्वीकार करने से पहले कंपनी की वैधता जांचें। उनकी वेबसाइट और रिव्यू पढ़ें।
- शुल्क न भरें: नौकरी के लिए प्रोसेसिंग या रजिस्ट्रेशन शुल्क मांगने वाले ऑफर्स से बचें।
- फर्जी लिंक से बचें: किसी भी अनजान ईमेल या मैसेज में आए लिंक पर क्लिक न करें।
- संदिग्ध ऑफर्स को रिपोर्ट करें: अगर आपको लगता है कि कोई जॉब ऑफर धोखाधड़ी हो सकती है, तो तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम सेल में रिपोर्ट करें।
वर्क-फ्रॉम-होम के नाम पर ठगी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। अपनी सतर्कता और सही जानकारी के जरिए आप ऐसे धोखेबाजों से बच सकते हैं। याद रखें, कोई भी वैध कंपनी नौकरी देने के लिए आपसे पैसे नहीं मांगती।